जोधपुर ( tiger deora). जोधपुर में बदमाश खतरनाक हथियारों
दैनिकभास्कर
जोधपुर ( tiger deora). जोधपुर में बदमाश खतरनाक हथियारों
के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल कर पुलिस को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि कई फोटो में तो बदमाशों के नाम, उनकी गाड़ियों के नंबर और फोटो स्टूडियो तक के नाम-पते तक लिखे हुए हैं, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी बैठी है।
यह हाल तो तब है, जब यह मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला है। हाल ही 7 बदमाशों ने 15 हथियारों को लहराते और नाचते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था, जो जबर्दस्त तरीके से वायरल हो रहा है। बदमाशों में हथियारों को दिखाने की होड़ सी लगी है। जोधपुर के बाप, लोहावट, कूड़ा, मुगलों, जांबा, राणेरी व मंडला आदि गांवों के बदमाशों ने भी अवैध हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर अपने फोटो पोस्ट व वायरल कर रखे हैं। भास्कर ने फेसबुक व इंस्टाग्राम पर सर्च किया तो जनवरी से जुलाई तक ऐसे दर्जनों फोटो वायरल हो रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि इतने हथियार कहां से आए? और बदमाशों के हौसले इतने बुलंद कैसे हो गए? क्या पुलिस का खौफ खत्म हो गया।
फेसबुक व इंस्टाग्राम पर यह बदमाश सक्रिय फेसबुक व इंस्टाग्राम पर जोधपुर के बदमाशों के
#group_001_jodhpur, #group_001_, गैंग्स ऑफ माफिया, Tiger group,
डकैत ऑफ जोधपुर, tiger Deora group 001 जैसे ग्रुप है। इनमें बदमाश हथियारों के साथ फोटो पोस्ट करते हैं।
बदमाशों के सात माह से 6 ग्रुप एक्टिव
भास्कर ने जांच की तो पिछले सात महीनों में छह एक्टिव ग्रुप
मिले हैं। इनमें अवैध हथियारों की गिनती करें तो वह करीब 100 तक पहुंचती है। हथियारों में रिवॉल्वर, पिस्टल, पिस्टल-गन, एके-47 जैसी स्टेनगन और देसी कट्टों के साथ खूब सारे कारतूस भी हैं। सभी ग्रुप जोधपुर जिले के हैं और जिला पुलिस ने 7 महीनों में सिर्फ 4 देसी कट्टे बरामद किए हैं। अवैध हथियारों की गिनती बढ़ाने के लिए 23 बंदूकें भी बरामद की हैं, परंतु वे पुरानी टोपीदार बंदूकें है जिनका इस्तेमाल शिकार में किया जाता है। ये बदमाशों के हथियारों में शामिल नहीं है।
इस गेंग में गजेंद्र देवड़ा , कुलदीप देवड़ा, अशोक गहलोत भी शामिल है





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